*ईडी की पूछताछ से पहले जबरन अराजक माहौल बनाने की कोशिश* *भाजपा ने राज्य सरकार पर बोला हमला* *राज्य सरकार के प्रायोजित आक्रोश प्रदर्शनों के नाटकों पर लगाम लगे- प्रतुल शाह देव* *आर्टिकल 7 में विधि व्यवस्था को निभाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की,अब तक असफल**राजभवन के पास हुए प्रदर्शन में आम आदिवासी नहीं बल्कि अधिकांश झामुमो कार्यकर्त्ता शामिल थे

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य सरकार पर बड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की ईडी के पूछताछ के पहले सत्ताधारी गठबंधन के द्वारा पूरे राज्य में आक्रोश और भय का जबरदस्ती माहौल दिखाने की कोशिश की जा रही है।प्रतुल ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने तो ईडी के अधिकारियों पर हमले का आह्वान किया था।झामुमो के प्रवक्ता कह रहे कि जनता में आक्रोश है और कुछ भी हो सकता है।प्रतुल ने कहा कि जनता में इस बात को लेकर जरूर आक्रोश है कि मुख्यमंत्री की सरकार ने चार वर्ष तक सिर्फ भ्रष्टाचार किया। आदिवासी मूलवासी का कोई विकास नहीं हुआ।प्रतुल ने कहा कि अगले चुनाव में प्रदेश के आदिवासी मूलवासी हेमंत सरकार को उखाड़ फेकेंगे। प्रतुल ने कहा आज जिस तरीके से राजभवन के आस पास निषेधाज्ञा लगे होने के बाद भी प्रदर्शनकारियों को जाने की छूट थी।वह साफ दिख रहा है कि राज्य सरकार अपने दायित्व का निर्वाह नहीं कर रही।प्रतुल ने कहा ये सब सरकार प्रायोजित था। प्रतुल ने कहा सत्ताधारी गठबंधन के इशारे पर प्रदेश में ऐसा दिखाया जा रहा है कि विधि व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जबकि वास्तविकता में ऐसा बिल्कुल नहीं है ।प्रदेश की जनता इस भ्रष्ट सरकार से मुक्ति चाहती है।प्रतुल ने कहा कि अब तो सत्ताधारी गठबंधन के नेता मर्यादा छोड़कर राजभवन और राज्यपाल पर भी निशाना साध रहे है।आज राज भवन के सामने कई संगठनों ने सरकार के द्वारा प्रायोजित प्रदर्शन किया।इसमें आम आदिवासी नहीं बल्कि अगल बगल के जिलों से लाए झामुमो कार्यकर्त्ता शामिल थे।इनको समझना चाहिए कि यह पांचवीं अनुसूची का क्षेत्र है और यहां राज्यपाल को विशेष अधिकार भी मिले हैं। प्रतुल ने कहा संविधान के आर्टिकल 7 के अनुसार विधि व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। मुख्य्मंत्री से पूछताछ के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखना भी राज्य सरकार का दायित्व है।अगर सत्ताधारी गठबंधन के इशारे पर राष्ट्र विरोधी तत्व पूछताछ के दौरान कोई विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।