झारखंड राज्य आजीविका पीआरपी बीएपी संघ के बैनर तले 24 जिलों के सैकड़ों पीआरपी बीएपी पलाश जेएसएलपीएस के राज्य कार्यालय परिसर में मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की शुरुआत की।संघ के राज्याध्यक्ष मुन्ना कापरी का कहना है कि विभाग के सभी अधिकारी ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को पीआरपी बीएपी के चार सूत्री मांगों को लेकर हमेशा गुमराह करते रहे है। जिसके कारण विभाग का जीबी बैठक में अन्य कर्मियों की मांग को पूरा हुई है जबकि झारखंडी पीआरपी बीएपी मांग पर कोई पहल नही किया गया है। वहीं राज्य के महामंत्री नारायण महतो ने बताया कि विभाग कई बार लिखित आश्वासन दिए, इसके बाद भी हमारे मूलभूत मांग को पूर्ण करने में कोई रुचि नही ले रहे है। ऐसे में प्रदेश के सभी पीआरपी बीएपी आक्रोश में है। पुरे झारखण्ड में 2014 से अपना सेवा दे रही है।चार सूत्री मांग निम्न प्रकार हैं :- 1. 10 वर्षा से पलाश में कार्यरत पीआरपी बीएपी को एचआर मानव संसाधन नियमावली का लाभ दिया जाए ।2. पीआरपी बीएपी का 10 वर्षों से कार्यरत है महंगाई को देखते हुए मानदेय में वृद्धि किया जाए ।3. पीआरपी बीएपी का पॉलिसी पहले के भांति लागू किया जाए और इसका लाभ दिया जाए ।4. पीआरपी बीएपी का मानदेय प्रति माह एक निश्चित तिथि में एक मुस्त वेतन दिया जाए ।धरना प्रदर्शन में सचिव मुस्तकीम रज़ा, कार्यकारणी सदस्य सबिता देवी मीडिया प्रभारी कार्तिक साहू, दीपक कुमार सहित सैकड़ों पीआरपी बीएपी उपस्थित थे।