झारखंड से टीवी उन्मूलन के लिए मंत्री बन्ना गुप्ता का प्रयास


टीबी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। अगर इस अभियान में कॉरपोरेट सेक्टर की भागीदारी सक्रिय रूप से होती है, तो हमें जल्दी सफलता मिल सकती है। इसलिए कॉरपोरेट सेक्टर से सहयोग की अपेक्षा की जाती है। ये बातें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता ने नामकोम स्थित आई. पी. एच. के सभागार में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित राज्य स्तर के वयस्क बी. सी. जी. टीकाकरण के शुभारंभ एवं टी.बी. मुक्त पंचायत के सम्मान समारोह कार्यक्रम में कहीं।
श्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य में बड़े-बड़े कॉरपोरेट सेक्टर है, जिनकी इंडस्ट्रीज हैं, वह संस्थागत स्तर पर पंचायत और प्रखंड को गोद लेकर टीकाकरण अभियान व अन्य योजनाओं में सहयोग दे रहे हैं। अगर ये कॉरपोरेट घराने एक-एक जिला को गोद लेकर काम करें, तो हम पोलियो मुक्त भारत की तरह यक्ष्मा मुक्त, कालाजार और फाइलेरिया मुक्त होने का गौरव लक्ष्य के पहले ही हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 100 साल पहले ही खुद को टी. बी.  मुक्त कर लिया था। 
*इन बीमारियों से गरीब होते हैं ज्यादातर शिकार*
स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड एक गरीब और पिछड़ा राज्य है। यहां कालाजार, फाइलेरिया, टी.बी. जैसी बीमारियां ज्यादातर गरीब लोगों को होती हैं। कालाजार के उन्मूलन की दिशा में हम काफी आगे बढ़ चुके हैं, बहुत थोड़े आदिवासी इलाकों में कालाजार जैसी बीमारी बची है, उस पर जल्द काबू पा लिया जाएगा। सर्पदंश की घटनाएं झारखंड में होती हैं, जिससे कई मौके पर सर्पदंश के शिकार गरीबों की जान जानकारी के अभाव में चली जाती है। इसके लिए हमें जागरूक होना होगा।