प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय चौधरीबगान, हरित भवन के सामने हरमू रोड, में रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया



रॉँची-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, चौधरीबगान, हरमू रोड में रक्षा
बंधन का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित  नौशाद
आलम, डीoआई०जी० कार्मिक ने कहा यह त्यौहार न केवल पवित्रता की रक्षा करता है,
बल्कि सांसारिक आपदाओं से भी बचाव करता है।

कार्यक्रम में उपस्थित महिला बाल विकास एवं सामाजिक सूरक्षा विभाग के संयूक्त
सचिव अभय नन्दन अम्बष्ठ ने कहा कि न्यारा और प्यारा बंधन है यह रक्षा बंधन। रक्षा
बंधन भाई-बहन के रिश्ते का एक अनुठा त्यौहार है, जो ईश्वरीय और धार्मिक महत्व को
दर्शाता है।

राजकिशोर कर्ण अभियंता ने कहा कि मानव स्वभाव से ही स्वतंत्रता प्रेमी है। वह
जिस बात को बंधन समझता है, उससे छूटने का प्रयत्न करता है। परंतु रक्षा बंधन को
बहनें और भाई, त्यौहार अथवा उत्सव समझकर खुशी से मनाते हैं। यह एक न्यारा और
प्यारा बंधन है। बंधन प्रकार के होते हैं एक ईश्वरीय और दूसरा सांसारिक अर्थात् कर्मों
के बंधन। ईश्वरीय बंधन से मनुष्य को सुख मिलता है पंरंतु दूसरी प्रकार के बंधन से दुःख
की प्राप्ति होती है। रक्षा बंधन ईश्वरीय बंधन, आध्यात्मिक बंधन अथवा धार्मिक बंधन है।
परंतु आज लोगों ने इसे एक लौकिक रस्म बना दिया है।

केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पांच प्रकार की
रक्षा चाहता है। तन की रक्षा धर्म की रक्षा सतीत्च या पवित्रता की रक्षा, सांसारिक
आपदाओं से रक्षा और माया के विध्नों से रक्षा। परंतु मनुष्य तो स्वयं ही कालाधीन है। तो
निश्चय ही काल के पंजे से छुड़ाने वाले एक परमात्मा ही हैं जिन्हें कालो का काल
महाकाल, अमरनाथ अथवा प्राण नाथ भी कहा जाता है। वास्तव में सदा के लिए दुः खों से
अथवा संकटों से परमात्मा ही रक्षा दे सकते हैं। माया के बंधन से परमात्मा ही छड़ाते हैं।

आवाहन करते हुए उन्होंने कहा कि आइए, इस रक्षा बंधन के मूल आध्यात्मिक
रहस्यों को समझ कर रक्षा बंधन का त्यौहार मनायें। विश्व रक्षक, पतितपावन, ज्ञानसागर
कल्याणकारी परमपिता परमात्मा शिव द्वारा दिया हुआ पवित्रता का मंत्र हरेक मनुष्य को
सुरकषा की गारन्टी देता है, जिससे एक नहीं बल्कि जन्म जन्मांतर तक आत्मा सुरक्षा प्राप्त
करती है। जब मनुष्य स्वयं को पहचानेगा, अपने विश्व रक्षक पिता को पहचानेगा, सृश्टि
चक्र को पहचानेगा तब उसका जीवन सफल होगा। आज राखी के त्यौहार के महत्व को
जानकर इन धारणाओं को अपनाये तो हमारी ये भारत भूमि फिर से रामराज्य अथवा स्वर्ग
बनेगा।

ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने सभी को पवित्रता की सूचक राखी बांधी। कार्यक्रम में
बाल कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया गया।