झारखंड आंदोलनकारी महासभा के तत्वधान में पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पुराना जेल चौक स्थित शहीद निर्मल महतो चौक पर शहीद निर्मल महतो के पर्तीमा पर आंदोलनकारी महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष श्री राजू महतो के नेतृत्व में माल्यार्पण किया गया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन में त्याग संघर्ष और कुर्बानी दी गई जिसके फल स्वरुप आज अलग राज का निर्माण हुआ अलग राज्य निर्माण के उपरांत राज के सत्ता सिंह मुख्यमंत्री राजनीतिक दल के द्वारा झारखंड आंदोलनकारी का झारखंड के शहीदों का घोर उपेक्षा किया गया शहीद निर्मल महतो झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष और उनकी निर्संस हत्या और कर दी गई और अभी तक झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरकार होने के बावजूद निर्मल महतो को शाहिद का दर्जा नहीं दिया गया और ना तो किसी तरह का राजकीय सम्मान दी गई है और ना ही झारखंड आंदोलन के इतिहास में सरकारी स्तर से कोई पहचान दी गई जो निंदनीय है झारखंड सरकार के सत्ता के संचालकों की मानसिकता झारखंड आंदोलनकारी के प्रति सकारात्मक नहीं जिसके कारण झारखंड आंदोलनकारी में तीव्र आक्रोश पनप चुका है और झारखंड आंदोलनकारी को जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सम्मान नियोजन पेंशन कोई व्यवस्था नहीं श्री महतो ने मांग की है कि निर्मल महतो को शहीद का दर्जा दिया जाए और 8 अगस्त को क्रांति दिवस के रूप में घोषित किया जाए साथ ही शहीद निर्मल महतो पार्क की स्थापना करें और सरकार के संस्थाओं का नामकरण शहीद निर्मल महतो के नाम पर किया जाए कार्यक्रम में सरजीत मिर्धा किशोर किसको महिला संयुजिका विनीता खलखो एरेन कछप इसरार अहमद रुस्तम खान अमर किंडो सतीश कुमार साहू नरेश महतो गणे दास अनिल बरनवाल विजय महतो बिरसा मुंडा ढूंढे परधान सूरज मोहन लकड़ा सजन हसदा आदि शामिल है