जन वितरण प्रणाली विक्रेता को माह अगस्त 2024 का खाद्यान् मिला नहीं और विभाग 10 सितंबर को वितरण की तिथि समाप्त कर दी गई।

केन्द्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत् झारखंड सरकार को माह अगस्त 2024 के लिए 61,11,042 परिवारों के लिए 1,17,425 टन चावल एवम् 28,700 टन गेहूँ (लगभग) मिला, जिसे लाभुकों के बीच वितरण कराने की जिम्मेवारी राज्य सरकार की है। राज्य सरकार की लचर व्यवस्था के कारण अगस्त माह में केवल 1,08,312 टन चावल और 26,466 टन गेहूँ 54,52,157 लाभुकों के बीच वितरण हो पाया है। इस योजना के तहत् चयनित 6,58,885 लाभुकों को लाभ से वंचित कर दिया गया।        राज्य सरकार द्वारा केंद्र से प्राप्त आवंटित खाद्यान् का भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से उठाव कर झारखंड राज्य खाद्य निगम के गोदाम तक लाने एवम् झारखंड राज्य खाद्य निगम के गोदाम से उठाव कर जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के व्यापार स्थल तक पहुँचाने का कार्य सम्बंधित माह के वितरण प्रारंभ होने के पहले किया जाना है, परंतु 10 सितम्बर को वितरण अवधि समाप्त होने पर भी सभी विक्रेता को खाद्यान् प्राप्त नहीं है। जिससे 9,113 टन चावल एवम् 2,234 टन गेहूँ का वितरण लभूको के बीच नहीं हो पाया लैप्स हो गया।       भाजपा की  केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना को असफल कर सरकार को बदनाम करने की सोची समझी साजिश है। इसमें दोषि अधिकारियों की जिम्मेवारी तय की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में भोले भाले गरीब लाभुकों को  ऐसे अन्याय से बचाया जा सके।