पुष्पांजलि अर्पित करते हुए पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों को याद करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री *बाबूलाल मरांडी* ने कहा की दीनदयाल उपाध्याय जी जनसंघ के राष्ट्रजीवन दर्शन के निर्माता माने जाते हैं। उनका उद्देश्य स्वतंत्रता की पुनर्रचना के प्रयासों के लिए विशुद्ध भारतीय तत्व-दृष्टि प्रदान करना था। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए एकात्म मानववाद की विचारधारा दी। उन्हें जनसंघ की आर्थिक नीति का रचनाकार माना जाता है। उनका विचार था कि आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य सामान्य मानव का सुख है।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित राँची के विधायक *सी पी सिंह* ने कहा की पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शो पर चल कर ही भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बन पाई है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी का उच्च दर्शन अनुसरण कर ही भाजपा का हर कार्यकर्ता खुद को समाज के प्रति पूर्ण समर्पित हो पाता है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रांची महानगर के अध्यक्ष *वरुण साहू* ने पंडित जी के विचारों को याद करते हुए दोहराया की भारत में रहने वाला और इसके प्रति ममत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन हैं। उनकी जीवन प्रणाली, कला, साहित्य, दर्शन सब भारतीय संस्कृति है। इसलिए भारतीय राष्ट्रवाद का आधार यह संस्कृति है। इस संस्कृति में निष्ठा रहे तभी भारत एकात्म रहेगा। ”“वसुधैव कुटुम्बकम्” भारतीय सभ्यता से प्रचलित है। इसी के अनुसार भारत में सभी धर्मों को समान अधिकार प्राप्त हैं। संस्कृति से किसी व्यक्ति, वर्ग, राष्ट्र आदि की वे बातें, जो उसके मन, रुचि, आचार, विचार, कला-कौशल और सभ्यता की सूचक होती हैं, पर विचार होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह जीवन जीने की शैली है। *श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री बाबूलाल मरांडी जी, क्षेत्रीय महामंत्री(संगठन) श्री नागेंद् नाथ त्रिपाठी, प्रदेश महामंत्री(संगठन) श्री कर्मवीर जी सहित रांचीं विधायक सी पी सिंह, कांके विधायक समरी लाल, राँची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू,संजय जसवाल, जितेंद्र वर्मा,राजू सिंह, सुरेश प्रसाद साहू राकेश शर्मा,रोमित नारायण सिंह, अनिता वर्मा, रवि मुंडा के साथ सैकडों कार्यकर्तागण उपस्थित रहेंगे।*