झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कोयला ब्लॉक आवंटन प्रकरण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय डॉ. मनमोहन सिंह के संबंध में आए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला केवल एक व्यक्ति की प्रतिष्ठा की बहाली नहीं, बल्कि भाजपा द्वारा वर्षों तक देश में फैलाए गए राजनीतिक दुष्प्रचार की करारी पराजय है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए झूठे आरोपों, आधे-अधूरे तथ्यों और मीडिया ट्रायल के सहारे पूरे देश में यह भ्रम फैलाया कि यूपीए सरकार केवल घोटालों की सरकार थी। आज सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय ने उस राजनीतिक नैरेटिव की बुनियाद को हिला दिया है।
विजय शंकर नायक ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह जैसे विश्वविख्यात अर्थशास्त्री, ईमानदार राजनेता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पित प्रधानमंत्री को वर्षों तक राजनीतिक लाभ के लिए बदनाम किया गया। भाजपा ने झूठ को सच बनाने की कोशिश की, लेकिन अंततः न्यायपालिका ने तथ्यों और कानून के आधार पर सत्य को स्थापित कर दिया। उन्होंने कहा, "भाजपा ने 'घोटाला' शब्द को चुनावी हथियार बनाया, लेकिन अदालतों ने एक-एक कर उस झूठे नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया। अब भाजपा को देश की जनता को बताना चाहिए कि जिन आरोपों के आधार पर उसने सत्ता की सीढ़ियां चढ़ीं, उनका कानूनी अंजाम क्या हुआ?" उन्होंने कहा कि यदि भाजपा में नैतिकता बची है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा के उन सभी नेताओं को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने बिना न्यायिक निष्कर्ष की प्रतीक्षा किए डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए सरकार को भ्रष्टाचार का पर्याय बताने का अभियान चलाया।
विजय शंकर नायक ने कहा कि पिछले वर्षों में जिन मामलों को भाजपा ने सबसे बड़े घोटालों के रूप में प्रचारित किया था, उनमें अदालतों के फैसलों और जांच एजेंसियों की कार्यवाही ने उसके दावों को गंभीर चुनौती दी है।
• कोयला ब्लॉक आवंटन मामला – सर्वोच्च न्यायालय ने डॉ. मनमोहन सिंह के विरुद्ध कार्यवाही को समाप्त करते हुए निचली अदालत के आदेश को निरस्त किया।
• 2G स्पेक्ट्रम मामला – विशेष सीबीआई अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
• कॉमनवेल्थ गेम्स प्रकरण – वर्षों तक प्रचारित भारी-भरकम घोटाले के दावों को न्यायिक प्रक्रिया में अपेक्षित रूप से सिद्ध नहीं किया जा सका।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने इन मामलों को लेकर देश में भय, भ्रम और राजनीतिक विद्वेष का वातावरण बनाया, जबकि न्यायालयों में वही दावे टिक नहीं सके।देश की जनता को झूठ बोलकर सत्ता में आने वाली भाजपा को देश की जनता माफ़ नही करेगी | नायक ने कहा कि भाजपा ने देश के इतिहास के सबसे ईमानदार प्रधानमंत्रियों में गिने जाने वाले डॉ. मनमोहन सिंह की छवि को राजनीतिक लाभ के लिए लगातार निशाना बनाया। अब जबकि न्यायिक प्रक्रिया ने उनकी प्रतिष्ठा को मजबूती दी है, भाजपा की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी राजनीति के लिए देश से क्षमा और माफ़ी सावर्जनिक रूप से मांगे। भाजपा ने "घोटाला" कहकर चुनाव जीते, लेकिन अदालतों ने बार-बार पूछा कि सबूत कहां हैं। इससे स्पष्ट है कि भाजपा की राजनीति विकास और उपलब्धियों पर नहीं, बल्कि झूठे प्रचार, चरित्रहनन और भ्रम फैलाने पर आधारित रही है।
विजय शंकर नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान करती है और मानती है कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय अदालतों का होता है, न कि टीवी स्टूडियो, सोशल मीडिया ट्रोल या राजनीतिक प्रचार मशीनों का।उन्होंने कहा, "सत्य को देर तक दबाया जा सकता है, पराजित नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने डॉ. मनमोहन सिंह की ईमानदारी को सम्मान दिया है और भाजपा की झूठ की राजनीति को बेनकाब कर दिया है। देश अब जवाब चाहता है—झूठ फैलाने वालों पर राजनीतिक जवाबदेही कब तय होगी?"