रांची-- जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा द्वारा आगामी 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली ऐतिहासिक “झारखंड की भाषा यात्रा” कार्यक्रम को झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की पूजनीय माताजी श्रीमती रूपी सोरेन जी के दुःखद निधन एवं राज्य में घोषित राजकीय शोक के कारण फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की माताजी श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। इस दुःखद एवं संवेदनशील परिस्थिति को देखते हुए जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा के सभी संयोजकों, शोधार्थियों, भाषा प्रेमियों एवं सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि निर्धारित कार्यक्रम को स्थगित किया जाए, ताकि दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान एवं शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की जा सके।
मोर्चा की ओर से कहा गया कि झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाएं हमारी पहचान, संस्कृति और अस्तित्व का आधार हैं। भाषा संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से प्रस्तावित यह यात्रा अपने संकल्प के साथ आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम को और अधिक व्यापक, प्रभावशाली एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के लिए नई तिथि निर्धारित की गई है।
अब “झारखंड की भाषा यात्रा” का भव्य आयोजन आगामी 3 नवम्बर 2026 को किया जाएगा। इस यात्रा में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से भाषा प्रेमी, छात्र-छात्राएं, शोधार्थी, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न भाषा-संस्कृति से जुड़े लोग शामिल होंगे।
जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा के मुख्य संरक्षक झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री श्री बंधु तिर्की, डॉ हरि उरांव, डॉ खालिक अहमद, डॉ शकुंतला मिश्रा, डॉ बृंदावन महतो, 9 भाषा के संयोजक पप्पू कुड़मी, पशुरराम मनकी, राजू महतो , संतोष तिड़वार, लीबियान मुंडू, महेंद्र शाखवार, सभी भाषा प्रेमियों एवं झारखंडवासियों से अपील करता है कि नई निर्धारित तिथि पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर झारखंड की भाषाओं, संस्कृति एवं विरासत को मजबूत करने के इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बनें।