आजसू के ’युवा जनसंवाद’ में उमड़ा जनसैलाबहमने झारखंड आंदोलन को सिर्फ पढ़ा नहीं, बल्कि झारखंड को गढ़ा है : सुदेश महतो




 गिरिडीह -- गिरिडीह विधानसभा के पीरटांड़ में आयोजित आजसू के ‘युवा जनसंवाद’ कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने  युवाओं और महिलाओं के साथ सीधा संवाद करते हुए झारखंड के वर्तमान हालात, सरकार के चुनावी वादों, महिला हितों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल उठाए। कार्यक्रम को पर गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो1 एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने भी संबोधित किया।

सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड की राजनीति सोशल मीडिया के दिखावे से नहीं, बल्कि जनता के बीच संघर्ष, सेवा और समर्पण से तय होगी। राज्य की असली ताकत यहां के युवा हैं और उन्हें ही झारखंड के भविष्य की दिशा तय करनी है।

श्री महतो ने कहा कि आजसू पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता की राजनीति करना नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, अधिकार, स्वाभिमान और विकास के सवालों को मजबूती से उठाना है। झारखंड का भविष्य नारों, प्रचार और चुनावी वादों से नहीं, बल्कि जनसंघर्ष, जवाबदेही, जनभागीदारी और धरातल पर किए गए काम से बनेगा।

श्री महतो ने कहा, “हम रील वाले नहीं, रियल वाले हैं। हम सोशल मीडिया की गर्भ से नहीं, सोशल वर्क से पैदा हुए हैं। हमने झारखंड आंदोलन को सिर्फ पढ़ा नहीं, बल्कि झारखंड को गढ़ा है।” उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन और आजसू की विरासत संघर्ष, बलिदान और जनभागीदारी की विरासत है। इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए जनता के सुख-दुख से जुड़ना और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ना जरूरी है।
महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए श्री महतो ने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए वादों के आधार पर सत्ता हासिल करने वाली सरकार को अब जवाब देना चाहिए। एक ओर 50 वर्ष की आयु पूरी करने वाली महिलाओं के नाम योजना से कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाली पात्र युवतियों के नाम नहीं जुड़ पा रहे हैं। आखिर यह किस नियम के तहत हो रहा है? सरकार स्थिति स्पष्ट करे और पात्र महिलाओं को उनके अधिकारों का लाभ सुनिश्चित करे।
श्री महतो ने कहा कि चुनावी रेवड़ियों और लोकलुभावन वादों से झारखंडियों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। राज्य को ऐसी राजनीति की जरूरत है, जो युवाओं को रोजगार, शिक्षा, सम्मान और अवसर दे तथा झारखंड के संसाधनों का लाभ यहां के लोगों तक पहुंचाए। पीरटांड़ और पारसनाथ क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सामाजिक चेतना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की जनता ने अपने अधिकार, पहचान और सम्मान के लिए लंबा संघर्ष किया है। इस क्षेत्र का विकास स्थानीय जरूरतों और जनभागीदारी के आधार पर होना चाहिए।
युवाओं से आह्वान करते हुए श्री महतो ने कहा कि वे केवल चुनावी चर्चाओं तक सीमित न रहें, बल्कि गांव-पंचायत की समस्याओं को समझें, जनहित के मुद्दों पर आगे आएं और स्वयं नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तो भ्रष्टाचार और माफियाराज के खिलाफ संघर्ष कमजोर पड़ जाएगा। सरकार की जवाबदेही तय करना और जनता के अधिकारों की रक्षा करना लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है।


इस मौके पर ज़िला अध्यक्ष गुड्डू यादव, ज़िला उपाध्यक्ष शम्भू शरण सिंह, पीरटांड़ प्रखंड अध्यक्ष मेराज आलम, प्रखंड सचिव प्रकाश पंडित, एवं प्रखंड के 17 पंचायतों के अध्यक्ष , यशोदा देवी , वीणा देवी , प्रियंका शर्मा व केंद्रीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे .